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Vindhya First

सैनिक स्कूल रीवा का इतिहास, राज्यपाल, सांसद, विधायक और देश को मिले यहां से सेना प्रमुख

रीवा में सैनिक स्कूल (Sainik School Rewa) की स्थापना 20 जुलाई 1962 को की गई थी. इस स्कूल से पास होने वाले छात्र दुनिया भर में विंध्य के रीवा और सतना का नाम रोशन कर रहे हैं. सैनिक स्कूल रीवा के इतिहास ही बात करें तो यहां से पास होने वाले स्टूडेंट ना सिर्फ मेजर और कर्नल बने हैं बल्कि राज्यपाल (Governor), सांसद, विधायक और सेना के सबसे बड़े पद को भी सुशोभित कर रहे हैं. सैनिक स्कूल रीवा के परिवार को सेनवा परिवार कहा जाता है साथ ही इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को सैन्विनियन कहते हैं. सफ़ेद शेरो की धरती में बना यह विद्यालय 274 एकड़ में फैला हुआ है.

बता दें कि 30 जून 2024 विंध्य प्रदेश के लोगों के लिए काफी ख़ुशी और गौरव का दिन होगा. इसी दिन रीवा के लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief Upendra Dwivedi) भारतीय सेना के प्रमुख के रूप में शपथ लेंगे. खास बात यह है कि भारतीय नौसेना के प्रमुख ADMIRAL दिनेश कुमार त्रिपाठी (ADMIRAL Dinesh Tripathi) भी सैनिक स्कूल रीवा के छात्र रहे हैं. इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब थल सेना और नौसेना दोनों ही सेना के प्रमुख विंध्य क्षेत्र से होंगे.

एक साथ पढ़े हैं दोनों सेना प्रमुख
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी और ADMIRAL दिनेश कुमार त्रिपाठी सात साल तक एक साथ सैनिक स्कूल रीवा में पढ़ें हैं. इसके पहले भी रीवा सैनिक स्कूल ने देश को जांबाज सिपाही, अधिकारी, राजनेता, नौकरशाह, डॉक्टर, इंजीनियर और पत्रकार दिए हैं. इस स्कूल का मुख्य उदेश्य यहां पढ़ने वालों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय नौसेना अकादमी में प्रवेश के लिए तैयार करना है.

स्कूल में है 150 साल पुराना राजभवन
सैनिक स्कूल रीवा में 150 साल पुराना राजभवन है. इसे छोटे बच्चों के लिए हॉस्टल बनाया गया था. इसके अलावा लव कुश, ध्रुव, एकलव्य, भरत और अभिमन्यु हाउस युवराज भवन में स्थित है. सीनियर बच्चों के लिए 5 अलग-अलग इमारतें चम्बल हाउस, नर्मदा हाउस, बेतवा हाउस, विंध्य हाउस और सतपुड़ा हाउस बनाया गया है.

पूर्व छात्रों को मिल चुके हैं वीर चक्र
सैनिक स्कूल रूप से पास आउट होने वाले पूर्व छात्रों को 3 वीर चक्र, 3 शौर्य चक्र, 4 सेना पदक और कई विशिष्ट सेवा पदकों से सम्मानित किया जा चुका है. सैनिक स्कूल रीवा में शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 950 अधिकारियों का योगदान रहा है. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाई, भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के पूर्व सदस्य सत्यव्रत चतुर्वेदी और सुंदर लाल तिवारी भी इसी स्कूल के छात्र रहे हैं.

सैनिक स्कूल रीवा की पूरी जानकारी के लिए देखिए ये वीडियो.