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Toggleमऊगंज: करोड़ों की MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़
मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. पुलिस ने एक साधारण से दिखने वाले कच्चे मकान में चल रही हाईटेक MD ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की ड्रग्स, खतरनाक केमिकल, आधुनिक मशीनें और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला वाहन जब्त किया गया है.
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार-02’ के तहत की गई, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अवैध फैक्ट्री पिछले कई महीनों से गांव के बीचोंबीच संचालित हो रही थी.
ऑपरेशन प्रहार-02 के तहत हुई बड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में मऊगंज पुलिस लगातार नशे के कारोबार पर कार्रवाई कर रही है. इसी अभियान के तहत शाहपुर थाना पुलिस, खटखरी चौकी और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिझौली गांव में एक किराए के मकान पर देर रात दबिश दी.
बाहर से देखने पर यह मकान पूरी तरह सामान्य लग रहा था, लेकिन अंदर का नजारा बिल्कुल अलग था. पुलिस को वहां घरेलू सामान के बजाय ड्रग्स बनाने की पूरी प्रयोगशाला मिली, जहां आधुनिक मशीनों की मदद से MD ड्रग्स तैयार की जा रही थी.
पुलिस ने क्या-क्या किया जब्त?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और उपकरण बरामद किए. जब्त सामग्री में शामिल हैं—
- 360 ग्राम शुद्ध MD ड्रग्स
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये
- 300 लीटर से अधिक खतरनाक केमिकल
- ओवन मशीन
- वैक्यूम पंप
- हीटर
- जनरेटर
- ड्रग्स तैयार करने वाली आधुनिक मशीनें
- सप्लाई के लिए इस्तेमाल की जा रही एक बोलेरो गाड़ी
पुलिस के अनुसार, जब्त की गई कुल सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपये है.
गांव के बीचोंबीच चल रही थी अवैध फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फैक्ट्री इसी वर्ष मार्च महीने से संचालित हो रही थी. आरोपियों ने गांव के बीच स्थित एक किराए के मकान को ड्रग्स निर्माण केंद्र में बदल दिया था.
फैक्ट्री को इस तरह तैयार किया गया था कि बाहर से किसी को इसकी गतिविधियों का संदेह न हो. आधुनिक उपकरणों और केमिकल की मदद से यहां लगातार नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे.
चार आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- चंदन सिंह
- अशोक गुप्ता
- पीयूषचंद्र यादव
- ऋषभ सेन
पुलिस के अनुसार, इनमें तीन आरोपी गढ़ थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी गोविंदगढ़ क्षेत्र का रहने वाला है. सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है.
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ग्रामीणों को पहले से था शक
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से उस मकान में संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं.
ग्रामीणों के मुताबिक—
- देर रात बड़ी गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता था.
- मकान से तेज केमिकल जैसी बदबू आती थी.
- बाहरी लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती थी.
हालांकि, किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही है.
अब पूरे नेटवर्क की जांच करेगी पुलिस
मऊगंज पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
- ड्रग्स बनाने का कच्चा माल कहां से आता था.
- तैयार ड्रग्स किन राज्यों में भेजी जाती थी.
- इस नेटवर्क को आर्थिक मदद कौन दे रहा था.
- पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है.
- क्या इस रैकेट के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हैं?
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
नशे के कारोबार पर पुलिस का सख्त संदेश
मऊगंज पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है. इससे साफ संकेत गया है कि जिले में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के निर्माण, तस्करी और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. भविष्य में भी ऐसे अभियानों को तेज किया जाएगा ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके.
समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
नशे का कारोबार केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज और युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा हुआ विषय है. गांवों और छोटे शहरों में इस तरह की फैक्ट्रियों का संचालन चिंता का विषय है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसी फैक्ट्रियों का खुलासा नहीं हो, तो इसका असर पूरे क्षेत्र में अपराध और नशे की लत के रूप में सामने आ सकता है. ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई समाज की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
निष्कर्ष
मऊगंज के बिझौली गांव में हुई यह कार्रवाई केवल एक ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है. करोड़ों रुपये की MD ड्रग्स, आधुनिक मशीनें और भारी मात्रा में केमिकल की बरामदगी यह बताती है कि यह कारोबार कितने बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था.
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल थे और इसका फैलाव किन राज्यों तक था.
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