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शहडोल: स्कूली बच्चों को ऑटो में ले जाना पड़ा भारी, 10 से ज्यादा ऑटो जब्त

शहडोल में स्कूली बच्चों को ऑटो से ले जाना पड़ा भारी, 10 से ज्यादा ऑटो जब्त. यातायात पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित स्कूल और घर पहुंचाया.

शहडोल: स्कूली बच्चों को ऑटो में ले जाना पड़ा भारी, 10 से ज्यादा ऑटो जब्त

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर शहडोल यातायात पुलिस ने शहर में विशेष अभियान चलाया. स्कूल आने-जाने के लिए ऑटो का इस्तेमाल कर रहे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 से अधिक ऑटो जब्त किए। इन ऑटो में स्कूली बच्चे सवार मिले.

पुलिस की कार्रवाई के दौरान बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई. जिन बच्चों को स्कूल जाना था, उन्हें पुलिस ने अपने वाहनों से स्कूल पहुंचाया, जबकि छुट्टी के बाद घर जाने वाले बच्चों को भी पुलिस वाहनों के जरिए उनके घर तक पहुंचाया गया. इस दौरान जब्त किए गए ऑटो को यातायात थाने में सुरक्षित खड़ा कराया गया.

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स्कूलों के आसपास चला जांच अभियान

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों और स्कूलों के आसपास जांच अभियान चलाया. पुलिस टीमों ने स्कूलों के आसपास आने-जाने वाले वाहनों की जांच की और यह देखा कि स्कूली बच्चों को किस तरह से परिवहन किया जा रहा है.

जांच के दौरान कई ऑटो ऐसे मिले, जिनमें स्कूली बच्चों को बैठाकर स्कूल ले जाया जा रहा था. नियमों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्देशों के बावजूद ऑटो के जरिए बच्चों का परिवहन किए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक ऑटो जब्त कर लिए.

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बच्चों को ऑटो से उतारकर उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की. इसके बाद बच्चों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था पुलिस की ओर से की गई.

पहले भी दी जा चुकी थी समझाइश

यातायात पुलिस के अनुसार, ऑटो चालकों को इससे पहले भी समझाइश दी गई थी. उन्हें बताया गया था कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए निर्धारित स्कूली वैन का इस्तेमाल किया जाए और बच्चों को सामान्य ऑटो में बैठाकर स्कूल न ले जाया जाए.

इसके बावजूद कुछ ऑटो चालक बच्चों को ऑटो में बैठाकर स्कूल पहुंचा रहे थे. पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नियमों का पालन जरूरी है. इसी वजह से समझाइश के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

बच्चों की सुरक्षा पर पुलिस का जोर

स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षित पहुंचाना अभिभावकों के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था और प्रशासन की भी जिम्मेदारी है. छोटे बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन होना बेहद जरूरी माना जाता है.

शहडोल में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने केवल वाहन जब्त करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि बच्चों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था भी की. स्कूल जाने वाले बच्चों को स्कूल और छुट्टी के बाद घर जाने वाले बच्चों को उनके घर तक पहुंचाया गया.

इससे यह भी साफ है कि स्कूलों के आसपास बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों पर यातायात पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है.

आगे भी जारी रह सकता है अभियान

यातायात पुलिस की ओर से पहले ही वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी जा चुकी थी. अब नियमों की अनदेखी करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

स्कूलों के आसपास चलाए गए इस अभियान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी स्कूली बच्चों के परिवहन में लगे वाहनों की जांच जारी रह सकती है. पुलिस का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

अभिभावकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए ऐसे वाहनों का ही इस्तेमाल करें, जो निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों. केवल समय और सुविधा के आधार पर वाहन चुनने के बजाय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है.

शहडोल यातायात पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. अब देखना होगा कि कार्रवाई के बाद ऑटो चालकों में नियमों के पालन को लेकर कितना असर दिखाई देता है.

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