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रीवा में दो दिवसीय पुस्तक मेला: विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर मिलेंगी सस्ती किताबें और जरूरी सामग्री

रीवा में दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन, विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत. अब किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी एक ही स्थान पर रियायती दरों में उपलब्ध.

रीवा में दो दिवसीय पुस्तक मेला: विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर मिलेंगी सस्ती किताबें और जरूरी सामग्री

रीवा: रीवा जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को आसान और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है. यह पहल विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि अब उन्हें पाठ्य सामग्री के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना, प्रतिस्पर्धी मूल्य सुनिश्चित करना और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करना है.

कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम बना शिक्षा का केंद्र

यह जिला स्तरीय पुस्तक मेला रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में 22 और 23 मार्च को आयोजित किया गया है. मेले में विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म, कॉपी, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.

मेले का वातावरण पूरी तरह शिक्षा केंद्रित रखा गया है, जहां विद्यार्थियों को उनकी कक्षा और पाठ्यक्रम के अनुसार सामग्री आसानी से मिल सके. प्रशासन ने व्यवस्था इस तरह बनाई है कि भीड़ के बावजूद खरीदारी प्रक्रिया सुगम बनी रहे.

नए शैक्षणिक सत्र के लिए बड़ी सुविधा

हर साल नए सत्र की शुरुआत में अभिभावकों को किताबें और स्टेशनरी खरीदने में काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है. कई बार आवश्यक किताबें अलग-अलग दुकानों पर मिलती हैं, जिससे परेशानी बढ़ जाती है.

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पुस्तक मेले की अवधारणा तैयार की, ताकि:

  • सभी आवश्यक किताबें एक ही स्थान पर उपलब्ध हों
  • सही और पारदर्शी मूल्य तय हो
  • विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिले
  • समय और खर्च दोनों की बचत हो

यह पहल शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया निरीक्षण

रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पुस्तक मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में प्रमुख और विश्वसनीय पुस्तक विक्रेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेले का उद्देश्य केवल बिक्री नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आसान और सुलभ शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराना है. इसलिए स्टॉल की व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, मूल्य सूची और सामग्री की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए.

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किताबों और स्टेशनरी पर विशेष छूट

पुस्तक मेले की सबसे बड़ी खासियत है — रियायती दरों पर सामग्री उपलब्ध होना.

प्रशासन द्वारा पुस्तक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे आकर्षक छूट प्रदान करें:

  • पाठ्य पुस्तकों पर लगभग 10% तक छूट
  • स्टेशनरी सामग्री पर 30% से 50% तक छूट

इस छूट से अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी और विद्यार्थियों को कम कीमत में आवश्यक सामग्री प्राप्त होगी.

व्यवस्थित संचालन के लिए बनीं अलग-अलग समितियां

पुस्तक मेले के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने कई समितियों का गठन किया है, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके.

गठित प्रमुख समितियां:

  • पुस्तक मेला संचालन समिति
  • स्थानीय व्यवस्था समिति
  • व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन समिति
  • लॉजिस्टिक एवं प्रबंधन समिति

इन समितियों का उद्देश्य मेले की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करना है.

नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी

सहायक संचालक राजेश मिश्रा को पुस्तक मेले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्हें मेले की सभी तैयारियां सुनिश्चित करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.

नोडल अधिकारी की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:

  • स्टॉल आवंटन और समन्वय
  • विक्रेताओं का पंजीयन
  • व्यवस्थाओं की निगरानी
  • शिकायतों का त्वरित समाधान

विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिल रही राहत

पुस्तक मेले में पहुंचे अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस पहल को सकारात्मक बताया. उनका कहना है कि:

  • एक ही स्थान पर सभी सामग्री मिल रही है
  • कीमतें बाजार से कम हैं
  • समय की बचत हो रही है
  • भीड़ प्रबंधन बेहतर है

यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासन और समाज के सहयोग का अच्छा उदाहरण बन रहा है.

स्थानीय व्यापारियों को भी मिल रहा अवसर

यह मेला केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं और व्यापारियों के लिए भी अवसर लेकर आया है. उन्हें एक बड़े मंच पर अपनी सेवाएं प्रदर्शित करने और अधिक ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिल रहा है.

इससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पुस्तक मेले शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं. इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होता है.

यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य जिलों में भी इस तरह के आयोजन किए जा सकते हैं.

पुस्तक मेले की मुख्य विशेषताएं

 एक ही स्थान पर सभी शैक्षणिक सामग्री
 किताबों और स्टेशनरी पर आकर्षक छूट
 प्रशासनिक निगरानी में आयोजन
 विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सुविधा
 व्यवस्थित स्टॉल और पारदर्शी मूल्य

निष्कर्ष

रीवा में आयोजित दो दिवसीय पुस्तक मेला शिक्षा को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है. यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत दे रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और किफायती बनाने का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है.

ऐसी पहलें यह साबित करती हैं कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सही योजना के माध्यम से शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है.

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