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ट्रम्प की रूस को धमकी: 50 दिन में युद्ध समझौता करो, वरना 100% टैरिफ लगेगा

ट्रम्प की रूस को धमकी: 50 दिन में युद्ध समझौता करो, वरना 100% टैरिफ लगेगा

ट्रम्प की रूस को धमकी: 50 दिन में युद्ध समझौता करो, वरना 100% टैरिफ लगेगा

ट्रम्प की रूस को धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस को यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए 50 दिन का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस इस अवधि में युद्धविराम समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका रूस पर 100% टैरिफ लगाएगा. यह धमकी व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठक के दौरान दी गई.

सेकेंडरी टैरिफ‘ का खतरा

ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यह ‘सेकेंडरी टैरिफ‘ होगा, जिसका मतलब है कि रूस से तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों (जैसे भारत और चीन) पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. अमेरिकी सीनेट में पहले से ही एक बिल पेश किया गया है जो ऐसे देशों पर 100% तक के टैरिफ लगाने की सिफारिश करता है.

ट्रम्प की पुतिन को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन पर नाराजगी जताते हुए कहा:

  • “पुतिन ने बुश, क्लिंटन, ओबामा और बाइडन को मूर्ख बनाया, लेकिन मुझे नहीं बना सकते”
  • “वे दिन में शांति की बात करते हैं और रात को बमबारी करते हैं”
  • “अगर 50 दिन में समझौता नहीं हुआ, तो कार्रवाई होगी”
ट्रम्प की रूस को धमकी: 50 दिन में युद्ध समझौता करो, वरना 100% टैरिफ लगेगा
ट्रम्प की रूस को धमकी: 50 दिन में युद्ध समझौता करो, वरना 100% टैरिफ लगेगा

यूक्रेन को सैन्य सहायता का ऐलान

इस बैठक में ट्रम्प ने यूक्रेन को नई सैन्य सहायता देने की भी घोषणा की. इसमें शामिल हैं:

  • पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम
  • शॉर्ट-रेंज और मिडिल-रेंज मिसाइलें
  • हॉवित्जर गोला-बारूद
    नाटो महासचिव ने इस डील को ‘गेम-चेंजर’ बताया है.

रूस की प्रतिक्रिया

रूसी विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के अल्टीमेटम को खारिज करते हुए कहा:

  • “हम किसी भी तरह के दबाव में नहीं झुकेंगे”
  • “यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने के ठोस आश्वासन चाहिए”
    क्रेमलिन प्रवक्ता ने ट्रम्प के बयान को ‘गंभीर’ बताया, लेकिन कोई ठोस जवाब देने से परहेज किया.

भारत और चीन के लिए चुनौती

भारत मई 2025 में रूस से तेल आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश रहा (4.2 अरब यूरो मूल्य का). अमेरिकी प्रतिबंधों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है. चीन ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए इसे “अनुचित हस्तक्षेप” बताया है.

ट्रम्प की यह कार्रवाई रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक कूटनीतिक दबाव की रणनीति है. हालांकि, रूस के सख्त रुख और भारत-चीन जैसे देशों के हितों के टकराव से इसका परिणाम अनिश्चित बना हुआ है. अगले 50 दिन वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं.

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