हरिद्वार.
हरिद्वार. पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर से फोन पर पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोप में उर्मिला सनावर को कोर्ट से जमानत मिल गई है। लेकिन जमानती दाखिल न होने के कारण उर्मिला न सिर्फ मंगलवार की रात जेल में रही, बल्कि आगे भी रिहाई को लेकर संशय के बादल नजर आ रहे हैं।
ऐसा बताया जा रहा है कि देहरादून पुलिस मंगलवार को उर्मिला का रिमांड ले सकती है। यदि ऐसा हुआ तो उर्मिला को अभी जेल में ही रहना पड़ सकता है। सोमवार को जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने तमाम मजबूत दलीलें पेश की।
देहरादून पुलिस की रिमांड का खतरा
उर्मिला सनावर की मुश्किलें केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक व आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने, मानहानि और शांति भंग करने के आरोपों में उनके खिलाफ देहरादून के नेहरू कॉलोनी और नगर कोतवाली में भी मुकदमे दर्ज हैं। चर्चा है कि इन मामलों को लेकर देहरादून पुलिस उन्हें रिमांड पर ले सकती है, जिससे उनकी जेल में रहने की अवधि बढ़ सकती है।
क्या है मूल मामला?
उर्मिला सनावर को 25 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उर्मिला ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने की मांग की थी और इसके बदले ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। अंकिता भंडारी केस की सीबीआई जांच के तहत नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे चुकीं उर्मिला सनावर पर उत्तराखंड में लगभग 10-12 अलग-अलग मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस वजह से हरिद्वार मामले में राहत मिलने के बाद भी उनका कानूनी शिकंजा कम होता नहीं दिख रहा है।