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रीवा: जच्चा-बच्चा मौत मामले में 5 दिन बाद अधीक्षक की सफाई

जच्चा-बच्चा मौत मामले में 5 दिन बाद अधीक्षक की सफाई

रीवा: जच्चा-बच्चा मौत मामले में 5 दिन बाद अधीक्षक की सफाई

रीवा: रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में अब अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने अपने वायरल बयान पर सफाई दी है. यह सफाई घटना के करीब 5 दिन बाद सामने आई है.मामला 25 अगस्त 2026 का है. जानकारी के अनुसार, एक प्रसूता को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

अस्पताल में भर्ती होने के बाद महिला का इलाज शुरू किया गया. इसके अगले दिन यानी 26 अगस्त 2026 की रात महिला का ऑपरेशन किया गया.

26 अगस्त की रात हुआ ऑपरेशन

26 अगस्त की रात ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया. ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया.लेकिन प्रसव के कुछ समय बाद ही महिला और नवजात दोनों की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई.

एक साथ मां और नवजात की मौत की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल में परिजनों का आक्रोश बढ़ गया. परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया.

परिजनों ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

मौत के बाद परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए. परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही के कारण प्रसूता और नवजात की जान गई.मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई. इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया.जांच कमेटी प्रसूता के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर ऑपरेशन, बच्चे के जन्म और इसके बाद मां और नवजात की मौत तक के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.

चार कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई

मामले में जांच के दौरान प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद 2 नर्सिंग स्टाफ और 2 महिला डॉक्टरों को निलंबित किया गया है.हालांकि, यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया आधार पर की गई है. मामले में अंतिम जिम्मेदारी और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर जांच अभी जारी है.

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वायरल वीडियो को लेकर अधीक्षक की सफाई

अब घटना के करीब पांच दिन बाद संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा सामने आए हैं.

उन्होंने अपने उस बयान पर सफाई दी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि वायरल किया जा रहा वीडियो एडिटेड है और उसे तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है.अधीक्षक के मुताबिक, मृतका के पिता उनके पुराने मित्र हैं और उनके साथ पारिवारिक संबंध भी हैं. उन्होंने कहा कि घटना की रात वह खुद बेहद परेशान थे और सो नहीं पाए थे.

‘मैं उन्हें मित्र के नाते समझा रहा था’

डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि वह मृतका के पिता से मित्र के नाते बात कर रहे थे. उनका कहना है कि वह इस बात को लेकर नाराज थे कि उनके मित्र होने के बावजूद उन्हें कुछ जानकारी पहले नहीं दी गई.

उन्होंने बताया कि इसी नाराजगी में उन्होंने मृतका के पिता को समझाया और डांटा था.परिजनों की ओर से लगाए गए धमकी के आरोपों पर भी उन्होंने सफाई दी.

अर्ली प्रेग्नेंसी का भी किया जिक्र

अधीक्षक ने कहा कि वह उस समय भावनात्मक रूप से काफी व्यथित थे. उन्होंने अर्ली प्रेग्नेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि इसी वजह से वह परिजन को फटकार लगा रहे थे.

उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि यदि उनके बयान या व्यवहार से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका खेद है.

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अब जांच रिपोर्ट का इंतजार

इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण छह सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट मानी जा रही है.एक तरफ परिजन इलाज में लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं. दूसरी तरफ अस्पताल अधीक्षक ने अपने वायरल बयान को एडिटेड बताते हुए सफाई दी है.

वहीं, चार स्वास्थ्यकर्मियों को प्रथम दृष्टया कार्रवाई के तहत निलंबित किया जा चुका है.जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 25 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुई प्रसूता और 26 अगस्त की रात ऑपरेशन के बाद जन्मे नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज के दौरान किस स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं हुई.

फिलहाल मामले की जांच जारी है और अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग तथा परिजनों की नजर जांच के अंतिम निष्कर्ष पर है.

महत्वपूर्ण तारीखें:
25 अगस्त 2026 — प्रसूता को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
26 अगस्त 2026 की रात — ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया.
26 अगस्त के बाद — प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा और लापरवाही के आरोप लगाए.
घटना के बाद — 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई.
जांच के दौरान — 2 महिला डॉक्टर और 2 नर्सिंग स्टाफ को प्रथम दृष्टया निलंबित किया गया.
3 सितंबर 2026 — अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने वायरल बयान पर सफाई दी.

रिपोर्ट: हीरो गुप्ता

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