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Toggleहीरालाल सिंह: हीरालाल सिंह की 100वीं जयंती पर प्रतिमा का अनावरण
हीरालाल सिंह: रायपुर कर्चुलियान में वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद् स्वर्गीय हीरालाल सिंह की 100वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया. गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया. इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया.
स्वर्गीय हीरालाल सिंह का जन्म 15 अक्टूबर 1926 को ग्राम बरहदी में हुआ था. उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा के प्रसार, विद्यार्थियों के भविष्य और समाज कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया. क्षेत्र में उनके कार्यों को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है. उनकी 100वीं जयंती पर आयोजित यह समारोह उनके सामाजिक और शैक्षणिक योगदान को स्मरण करने का अवसर बना.
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सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित हुआ समारोह
रायपुर कर्चुलियान स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. वे स्वर्गीय हीरालाल सिंह के परिवार के निकट संबंधी हैं. रीवा लोकसभा क्षेत्र के सांसद जनार्दन मिश्र, गुरह विधायक नागेंद्र सिंह, रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह और पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष राम सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए.
समारोह में अतिथियों का स्वागत विद्यालय के व्यवस्थापक और लैंडमार्क ग्रुप, रीवा के संचालक बृजेंद्र सिंह, विद्यालय अध्यक्ष चित्रभानु सिंह तथा ब्याघ्रदेव सिंह ने किया. इसके बाद स्वर्गीय हीरालाल सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया. कार्यक्रम में उनके जीवन, विचारों और समाज के लिए किए गए कार्यों पर चर्चा हुई.
स्वर्गीय हीरालाल सिंह गुरह विधानसभा क्षेत्र और रायपुर कर्चुलियान तहसील के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं शिक्षाविद् थे. शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता ने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई. उनका मानना था कि शिक्षा समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है. इसी दिशा में उन्होंने विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ा रहा योगदान
स्वर्गीय हीरालाल सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक सुदर्शन जी और सरस्वती विद्यालय श्रृंखला के संस्थापक रोशन लाल जी के निकट सहयोगी रहे. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 1950 के दशक में वे संघ के वरिष्ठ सदस्यों में शामिल थे.
सुदर्शन जी के रीवा प्रवास के दौरान ग्राम बरहदी स्थित हीरालाल सिंह का निवास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा. सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी भूमिका उनके व्यापक संपर्कों और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाती है.
उनके जीवन का एक प्रमुख पक्ष शिक्षा के क्षेत्र में किया गया कार्य रहा. रायपुर कर्चुलियान स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना और विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान था. एक कक्ष से शुरू हुआ यह विद्यालय आज क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में शामिल है. विद्यालय के विकास की यात्रा में उनके प्रयासों और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
विद्यार्थियों और सहयोगियों का किया गया सम्मान
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया. राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उपलब्धियां प्राप्त करने वाले विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया.
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया. कार्यक्रम में स्वर्गीय हीरालाल सिंह के अभिन्न सहयोगी तारा प्रसाद पांडे और सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर राजेंद्र प्रसाद शुक्ल को भी सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिथि के हाथों उन्हें सम्मान प्रदान किया गया.
इन सम्मानों के माध्यम से उन लोगों के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने शिक्षा और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही.
विद्यालय भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर के भवन निर्माण के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई. विद्यालय के व्यवस्थापक और लैंडमार्क ग्रुप, रीवा के संचालक बृजेंद्र सिंह ने व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की.
रीवा सांसद जनार्दन मिश्र ने भी विद्यालय भवन निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की. वहीं, गुरह विधायक नागेंद्र सिंह ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की. इस तरह विद्यालय के भवन निर्माण के लिए कुल 15 लाख रुपये की सहायता घोषित की गई.
यह घोषणा विद्यालय के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे विद्यालय के भवन निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है. हालांकि, घोषित सहायता और वास्तविक निर्माण कार्य की प्रगति अलग-अलग विषय हैं.
कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा, रायपुर कर्चुलियान के एसडीएम और तहसीलदार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. जनपद सदस्य रेखा सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र तिवारी, डॉ. आनंद सिंह, रवि मिश्रा, उपेंद्र सिंह, सचिन सिंह चंदेल, अनिरुद्ध सिंह, डॉ. जे.एल. मिश्रा, दिवाकर सिंह बरहदी, प्रदीप सिंह पटना, पुष्पराज सिंह, रामनारायण सिंह बरहदी, दलप्रताप सिंह और शैलेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल हुए.
विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की. सभी ने स्वर्गीय हीरालाल सिंह के जीवन और उनके योगदान को याद किया.
निष्कर्ष
स्वर्गीय हीरालाल सिंह की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह ने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को फिर से सामने रखा. उनकी प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बना. एक कक्ष से शुरू हुए सरस्वती शिशु मंदिर के विकास में उनकी भूमिका आज भी याद की जाती है.
विद्यालय भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की सहायता की घोषणा ने कार्यक्रम को एक नई दिशा दी. स्वर्गीय हीरालाल सिंह का जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण है. उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे.
source: विंध्य फ़र्स्ट
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