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मक्के की रोटी और सरसों का साग खूब भाया विदेशी मेहमानों को

मक्के की रोटी

विंध्य क्षेत्र के देसी पकवानों के बारे में विंध्यवासियों के अलावा हर किसी को जानना बेहद जरूरी है. सीधी जिले के बकवा गांव में आदिवासियों द्वारा यहां के विशेष भोज बनाए गए. जिसमें कुछ विशेष देसी पकवानों को खास दर्जा दिया गया है. इन पकवानों को भले ही पूरे देश के लोग जानते हैं लेकिन मूलरूप से मक्के की रोटी, सरसों का साग, कोदई का भात और धान एवं महुएं का लावा ये सभी डिश मूलरूप से विंध्य के भोज माने जाते हैं.

सर्दियों के सीजन में लोग इन डिशों को खूब पसंद करते हैं खासकर मक्के की रोटी और सरसों के साग को तो लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. इन पकवानों को विदेशी मेहमान काफी चांव से खाते हैं. सीधी जिले के बकवा गांव के आदिवासियों ने सरसों की साग, मक्के की रोटी, कोदई का भात और धान एवं महुए का लावा बनाया गया था. इन पकवानों को विंध्य के पारंपरिक व्यंजनों की श्रेणी में रखा गया है.

मक्के की रोटी जो कि सेहत के लिए सबसे अधिक लाभदायक मानी जाती है. मक्के की रोटी को लेकर लोगों में ऐसी मान्यता है कि अगर आप हार्ट सर्जरी करवाएं हैं या फिर बीपी या शुगर के मरीज हैं तो मक्के की रोटी और सरसों का साग आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है.

इसी के साथ में कोदई का भात भी वहां पर बनाया गया था. जिसका पहले के जमाने में कोई कीमत नहीं होती थी. लेकिन वर्तमान समय में इसे लोग बड़े ही चाव से खाते हैं. कोदई बीपी और कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों के लिए अमृत माना गया है. इसी के साथ में हमारे विंध्य क्षेत्र की खास उपज देने वाला महुआ जो कि शरीर के लिए काफ़ी ज्यादा लाभादायक होता है. जो हमारे यहां खास पकवान महुए का लाटा भी आदिवासियों द्वारा बनाया गया था. जो कि विदेशी लोगों को खूब भाया.

बाकि इन देसी पकवानों को देखने के लिए वीडियो में क्लिक करिए ||