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रीवा: आरटीओ में कलेक्टर का बड़ा एक्शन,अनधिकृत लोग बाहर

रीवा: आरटीओ में कलेक्टर का बड़ा एक्शन,अनधिकृत लोग बाहर

रीवा: आरटीओ में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, अनधिकृत लोग बाहर

रीवा: रीवा के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में लंबे समय से अनियमितताओं, दलाली और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आ रही थीं. आम लोगों का आरोप था कि कार्यालय परिसर में अनधिकृत लोग सक्रिय रहते हैं. वाहन संबंधी कार्य कराने के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं. कई बार लोगों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है. इन शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया. कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने आरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अनधिकृत लोगों पर सख्ती दिखाई और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिए. इस कार्रवाई के बाद आरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में आ गई है.

औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी बिना किसी पूर्व सूचना के आरटीओ कार्यालय पहुंचे. उनके अचानक पहुंचने से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया. अधिकारी और कर्मचारी तुरंत सक्रिय हो गए. कलेक्टर ने सबसे पहले कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यालय के बाहर और अंदर मौजूद व्यवस्थाओं को ध्यान से देखा.

निरीक्षण के दौरान कई ऐसे लोग परिसर में मौजूद मिले, जिनका विभाग से कोई अधिकृत संबंध नहीं था. इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई. उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और अनधिकृत लोगों को तुरंत बाहर करने के निर्देश दिए.

अनधिकृत वेंडर्स और बाहरी लोगों पर सख्ती

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वर्षों से परिसर में सक्रिय अनधिकृत वेंडर्स और बाहरी लोगों को फटकार लगाई. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी कार्यालय किसी भी तरह की अवैध गतिविधि का केंद्र नहीं बन सकता.

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि परिसर में केवल अधिकृत कर्मचारी, अधिकारी और काम से आने वाले नागरिक ही प्रवेश करें. बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को कार्यालय परिसर में बैठने या गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं होगी.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस व्यवस्था का नियमित पालन कराया जाए. यदि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति मिलती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

लगातार मिल रही थीं शिकायतें

आरटीओ कार्यालय को लेकर प्रशासन के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. शिकायतों में कहा गया था कि कुछ अनधिकृत लोग वाहन पंजीयन, लाइसेंस और अन्य कार्य जल्दी कराने के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हैं.

कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया था कि कार्यालय में दलाली का नेटवर्क सक्रिय है. आम नागरिकों को भ्रमित कर उनसे अतिरिक्त राशि ली जाती है. इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

कुछ शिकायतों में महिलाओं के साथ अभद्र और अशोभनीय व्यवहार का भी उल्लेख किया गया था. प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया. इसके बाद कलेक्टर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया.

पार्किंग व्यवस्था सुधारने पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय परिसर की पार्किंग व्यवस्था भी देखी. उन्होंने पाया कि वाहन व्यवस्थित तरीके से खड़े नहीं किए जा रहे हैं. इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग की स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए. वाहन निर्धारित स्थान पर ही खड़े कराए जाएं. इससे परिसर में भीड़ कम होगी और लोगों को सुविधा मिलेगी.

कलेक्टर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और व्यवस्था दोनों जरूरी हैं. बेहतर पार्किंग व्यवस्था से कार्यालय की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित होगी.

पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश

निरीक्षण के बाद कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आरटीओ कार्यालय में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपना कार्य कराने के लिए दलालों का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए. सभी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं.

इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए. अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और समय पर उसका निराकरण किया जाए.

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आम लोगों को मिलेगा बेहतर माहौल

प्रशासन की इस कार्रवाई से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है. यदि अनधिकृत लोगों का प्रवेश पूरी तरह बंद होता है तो दलाली और अवैध वसूली जैसी शिकायतों में कमी आ सकती है.

कार्यालय में आने वाले लोगों को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण मिलेगा. महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को भी बेहतर सुविधा मिलने की संभावना है.

सरकारी सेवाओं तक लोगों की सीधी पहुंच बढ़ेगी. इससे कार्यालय की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी.

जवाबदेही तय करने की तैयारी

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. यदि दोबारा अनधिकृत गतिविधियां सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्था की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए. इससे कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी.

प्रशासन का उद्देश्य केवल एक दिन की कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में स्थायी सुधार लाना है.

प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

रीवा आरटीओ में हुई यह कार्रवाई केवल अनधिकृत लोगों को हटाने तक सीमित नहीं है. यह सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है.

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यालयों में दलाली, अवैध वसूली और अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

निष्कर्ष

रीवा आरटीओ में हुई आरटीओ कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन अब शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर पहुंचकर कार्रवाई भी करेगा. कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के औचक निरीक्षण के बाद अनधिकृत वेंडर्स और बाहरी लोगों पर सख्ती की गई. अधिकारियों को पारदर्शी व्यवस्था, बेहतर पार्किंग और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह कार्रवाई लंबे समय तक असर दिखाती है या नहीं. यदि निर्देशों का प्रभावी पालन हुआ तो आरटीओ कार्यालय की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा.

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