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Toggleसिंगरौली: 32 टन अवैध कोयला जब्त, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
सिंगरौली: सिंगरौली जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 32 टन अवैध रूप से भंडारित कोयला जब्त किया है. यह कार्रवाई कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज विभाग, वन विभाग और एनसीएल की संयुक्त टीम ने की. जांच के दौरान रेलवे लाइन के पास बड़ी मात्रा में कोयला लावारिस हालत में मिला. मौके पर कोई भी व्यक्ति इसके स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद पूरी खेप जब्त कर पुलिस थाना मोरवा में जमा करा दी गई. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.
संयुक्त टीम ने चलाया विशेष जांच अभियान
जिले में अवैध खनिज कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. इसी क्रम में कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया गया.इस अभियान का संचालन खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में किया गया. सहायक खनिज अधिकारी रामसुशील चौरसिया ने वन विभाग के रेंजर और एनसीएल के सुरक्षा कर्मियों के साथ संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया.टीम ने उन स्थानों पर विशेष नजर रखी, जहां पहले भी अवैध खनिज गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं. जांच के दौरान कई जगहों का निरीक्षण किया गया.
रेलवे लाइन के पास मिला अवैध भंडारण
जांच के दौरान संयुक्त टीम एनसीएल की निगाही परियोजना खदान के पास पहुंची. यहां रेलवे लाइन से करीब 200 मीटर दूर बड़ी मात्रा में कोयला भंडारित मिला.मौके का निरीक्षण करने पर पता चला कि कोयला खुले स्थान पर रखा गया था. इसकी सुरक्षा या स्वामित्व से जुड़ी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी. प्रथम दृष्टया यह अवैध भंडारण का मामला प्रतीत हुआ.इसके बाद अधिकारियों ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की.
दस्तावेज नहीं मिलने पर हुई जब्ती
संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से कोयले के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे. अधिकारियों ने परिवहन अनुमति, स्वामित्व अभिलेख और अन्य आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के लिए कहा.हालांकि कोई भी व्यक्ति कोयले से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. दस्तावेज नहीं मिलने के कारण टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरे कोयले को जब्त कर लिया.प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति खनिज का भंडारण नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होती है.
करीब 32 टन कोयला किया गया जब्त
जांच के दौरान लगभग 32 टन कोयला बरामद हुआ. यह मात्रा काफी अधिक मानी जा रही है.कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त कोयले को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाना मोरवा में जमा कराया गया. इससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अवैध उपयोग की संभावना समाप्त हो गई.खनिज विभाग ने मौके पर पंचनामा तैयार किया. साथ ही पूरी कार्रवाई का दस्तावेजी रिकॉर्ड भी तैयार किया गया.
खनिज नियमों के तहत होगी कार्रवाई
खनिज विभाग ने बताया कि मामले में मध्यप्रदेश खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कोयला किसका था और इसे वहां किस उद्देश्य से रखा गया था.यदि जांच में किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
अवैध कारोबार पर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
खनिज विभाग ने जारी की चेतावनी
खनिज विभाग ने अवैध कारोबार में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी दी है.विभाग का कहना है कि बिना वैध अनुमति के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण पूरी तरह गैरकानूनी है.यदि कोई व्यक्ति इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर वाहन, मशीनरी और खनिज भी जब्त किए जाएंगे.
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नागरिकों से मांगा सहयोग
प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है.अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें.समय पर सूचना मिलने से कार्रवाई करना आसान होगा और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.
खनिज संपदा वाला जिला है सिंगरौली
सिंगरौली देश के प्रमुख ऊर्जा और कोयला उत्पादक जिलों में शामिल है. जिले में कई बड़ी कोयला परियोजनाएं संचालित हैं.इसी कारण यहां समय-समय पर अवैध खनन और कोयला भंडारण के मामले भी सामने आते रहते हैं. जिला प्रशासन और खनिज विभाग ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.पिछले कुछ समय में अवैध रेत, कोयला और अन्य खनिजों के खिलाफ कई अभियान चलाए जा चुके हैं. प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
नियमों का पालन जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि खनिज संपदा से जुड़े प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है.वैध अनुमति के बिना खनिज का भंडारण या परिवहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी होता है.इसी कारण प्रशासन ऐसे मामलों में सख्ती बरत रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.
जांच के बाद सामने आएंगे जिम्मेदार
फिलहाल जब्त किए गए कोयले की जांच जारी है. अधिकारी आसपास के क्षेत्रों से भी जानकारी जुटा रहे हैं.इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि कोयला किस स्थान से लाया गया था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं.जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
निष्कर्ष
सिंगरौली में अवैध कोयला जब्त होने की यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है. खनिज विभाग, वन विभाग और एनसीएल की संयुक्त टीम ने समय रहते करीब 32 टन कोयला जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध खनिज कारोबार करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी. आने वाले समय में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
रिपोर्ट: सोनू कुमार सोनी
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