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शहडोल: स्कूल में पढ़ाई छोड़ सफाई करते दिखे बच्चे

शहडोल: स्कूल में पढ़ाई छोड़ सफाई करते दिखे बच्चे

शहडोल: स्कूल में पढ़ाई छोड़ सफाई करते दिखे बच्चे

शहडोल: शहडोल जिले के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. ब्यौहारी जनपद के शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोलान कुआं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय विद्यालय परिसर की सफाई करते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है.

कक्षा के बजाय सफाई करते दिखे छात्र

वायरल वीडियो में स्कूली बच्चे झाड़ू लगाते और परिसर की सफाई करते दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वीडियो हाल के दिनों का है. वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाया है कि स्कूल में बच्चों का समय पढ़ाई में लगना चाहिए या सफाई में.ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है. उनका आरोप है कि बच्चों को पढ़ाने के बजाय अन्य कामों में लगाया जा रहा है.

छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

विद्यालय के कुछ छात्रों ने दावा किया कि वे प्रतिदिन स्वयं स्कूल का गेट खोलते हैं. उनका कहना है कि परिसर की सफाई भी उनसे कराई जाती है.छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक नियमित समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते. उनके अनुसार अधिकांश दिनों में शिक्षक सुबह करीब 11 बजे स्कूल आते हैं. इससे पढ़ाई का समय कम हो जाता है और पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाता.

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पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों के देर से आने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. कई अभिभावकों ने चिंता जताई कि छोटे बच्चों को विद्यालय में पढ़ाई के लिए भेजा जाता है, लेकिन उन्हें पर्याप्त शिक्षण समय नहीं मिल रहा.स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है.

दो दिन पहले भी वायरल हुआ था ऐसा ही वीडियो

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दो दिन पहले ही जयसिंहनगर जनपद के मशियारी ग्राम पंचायत के एक स्कूल का वीडियो वायरल हुआ था. उस वीडियो में भी छात्र विद्यालय में काम करते नजर आए थे. उस मामले की जांच अभी जारी है.लगातार दूसरे स्कूल का वीडियो सामने आने के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था पर और गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर उठे सवाल

शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा देने के दावे करता है. इसके बावजूद यदि बच्चों से सफाई कराई जा रही है और शिक्षक समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, तो यह चिंता का विषय माना जा रहा है.

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों से नियमित सफाई कार्य कराना उचित नहीं है. बच्चों का मुख्य कार्य पढ़ाई करना है और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परिसर की व्यवस्था अलग से सुनिश्चित की जाए.

जांच की मांग तेज

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की जांच की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पता लगाया जाए कि बच्चों से सफाई क्यों कराई गई और शिक्षकों की उपस्थिति नियमित क्यों नहीं है.लोगों का यह भी कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस वायरल वीडियो की जांच कर क्या कार्रवाई करता है.बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित जांच और पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनकी निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है.

रिपोर्ट: कृष्णा तिवारी

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