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Toggleरीवा: रीवा में मेडिकल नशे पर बड़ा वार, युवती सहित तस्कर गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मेडिकल नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए नशीली कफ सिरप की भारी खेप पकड़ी है. इस कार्रवाई को जिले में चल रहे अवैध मेडिकल नशे के नेटवर्क पर अब तक का बड़ा प्रहार माना जा रहा है. पुलिस ने देर रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर एक युवती सहित कई तस्करों को गिरफ्तार किया है.
पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व आईजी गौरव राजपूत और एसपी गुर करण सिंह के निर्देशन में किया गया. कार्रवाई में सीएसपी राजीव पाठक, बिछिया थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस राजीव अग्रवाल और चोरहटा थाना प्रभारी पवन शुक्ला की टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में मेडिकल नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
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मुखबिर की सूचना पर बनी रणनीति
जानकारी के अनुसार पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि जिले में बड़ी मात्रा में नशीली कफ सिरप की खेप सप्लाई के लिए लाई जा रही है. सूचना बेहद संवेदनशील थी, इसलिए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत रणनीति बनाकर अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया.
सूचना के बाद पुलिस ने शहर के कई संदिग्ध रास्तों और एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी शुरू की. देर रात संदिग्ध वाहन दिखाई देने पर पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तस्करों ने भागने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर वाहन को घेर लिया और मौके से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
युवती सहित कई आरोपी हिरासत में
पुलिस कार्रवाई के दौरान एक युवती सहित कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है. पुलिस को शक है कि यह गिरोह लंबे समय से मेडिकल नशे की सप्लाई में सक्रिय था और जिले के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था.
बरामद नशीली कफ सिरप की मात्रा को देखते हुए पुलिस इसे बड़े नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं.
मेडिकल नशा बना युवाओं के लिए खतरा
रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में बीते कुछ समय से मेडिकल नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है. प्रतिबंधित और नशीली दवाइयों का इस्तेमाल युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है. खासतौर पर नशीली कफ सिरप, इंजेक्शन और टैबलेट्स का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है.
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल नशा युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर कर रहा है. कई युवा इसकी लत में पड़कर अपराध की दुनिया तक पहुंच रहे हैं. यही वजह है कि पुलिस अब इस कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है.
पुलिस अधिकारियों की सतर्कता से मिली सफलता
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधिकारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई सबसे अहम रही. सीएसपी राजीव पाठक की निगरानी में टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया. वहीं प्रशिक्षु आईपीएस राजीव अग्रवाल और थाना प्रभारी पवन शुक्ला की टीम ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल नशे के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. जिले में लगातार ऐसे अभियान चलाए जाएंगे ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके.
पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि इस गिरोह के तार दूसरे जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली कफ सिरप कहां से लाई जा रही थी और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी.
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर और संदिग्ध संपर्क भी मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
समाज के लिए बड़ा संदेश
रीवा पुलिस की यह कार्रवाई केवल अपराधियों पर कार्रवाई नहीं बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश भी है. मेडिकल नशे का कारोबार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है और इसे रोकना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है.
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी नशीली दवाइयों या मेडिकल नशे से जुड़ी गतिविधियां दिखाई दें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. समाज और पुलिस की साझेदारी से ही इस खतरे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
लगातार जारी रहेगा अभियान
आईजी गौरव राजपूत और एसपी गुर करण सिंह ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. मेडिकल नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
रीवा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं है. देर रात हुई इस कार्रवाई ने पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है और आम लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है.
निष्कर्ष
रीवा में मेडिकल नशे के खिलाफ हुई यह कार्रवाई जिले के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है. युवती सहित तस्करों की गिरफ्तारी और नशीली कफ सिरप की भारी खेप बरामद होने से पुलिस को इस नेटवर्क तक पहुंचने में अहम सुराग मिले हैं.
अब देखना होगा कि पूछताछ में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में कितनी सफलता हासिल करती है. फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई ने मेडिकल नशे के कारोबारियों में डर जरूर पैदा कर दिया है.
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