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रीवा: एक साल में टूटी नालियां, सड़क पर बह रहा गंदा पानी

रीवा शहर की बदहाल व्यवस्था ने खोली विकास दावों की पोल! एक साल में ही टूटी नालियां, सड़क पर बह रहा गंदा पानी और बढ़ता बीमारी का खतरा अब लोगों की चिंता बन चुका है

रीवा: एक साल में टूटी नालियां, सड़क पर बह रहा गंदा पानी

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में विकास और स्वच्छता के दावे अब जमीनी हकीकत के सामने कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं. शहर के कई इलाकों में नालियों की हालत बेहद खराब हो चुकी है. लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई नालियां महज एक साल के भीतर टूटने लगी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. जगह-जगह टूटी नालियां, जलभराव और बदबू से लोग परेशान हैं. खासकर वार्ड क्रमांक 18 में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जहां नालियों के टूटने से गंदा पानी सीधे सड़क पर फैल रहा है.

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सड़क पर गंदा पानी, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

रीवा शहर की कई सड़कों पर इन दिनों गंदे पानी का बहाव देखा जा सकता है. टूटी नालियों के कारण पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बदबू इतनी ज्यादा होती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है. कई बार बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी खतरनाक साबित हो रही है.

नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा.

एक साल में ही ध्वस्त हुई नालियां

नगर निगम द्वारा बनाई गई नालियों की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में है. लोगों का कहना है कि जिन नालियों का निर्माण हाल ही में किया गया था, वे अब टूटने लगी हैं.

कहीं सीमेंट उखड़ चुका है तो कहीं नालियों की दीवारें धंस गई हैं. कई जगहों पर नालियां पूरी तरह जाम हैं, जिससे पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल रहा है. इससे साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया.

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण नालियां इतनी जल्दी खराब हो गईं.

सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई

रीवा नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है. शहर के कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं होने से नालियों में कचरा जमा हो गया है.

गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. लोगों को डर है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने गंदा पानी जमा रहने से ग्राहक आने से बच रहे हैं, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है.

बारिश से पहले बढ़ी चिंता

मानसून आने से पहले ही रीवा शहर की यह हालत लोगों की चिंता बढ़ा रही है. यदि समय रहते नालियों की सफाई और मरम्मत नहीं हुई तो बारिश के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण हर साल जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है. टूटी नालियां और जाम ड्रेनेज सिस्टम बारिश में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकते हैं.

लोगों ने उठाई जांच की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि जिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात नहीं बदलते. ऐसे में जनता के टैक्स के पैसे का सही उपयोग होना जरूरी है.

नगर निगम पर उठ रहे बड़े सवाल

रीवा नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि शहर में विकास कार्य तो शुरू किए जाते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और निगरानी पर ध्यान नहीं दिया जाता.

यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है. लोगों ने मांग की है कि—

  • टूटी नालियों का तत्काल पुनर्निर्माण हो
  • नियमित सफाई अभियान चलाया जाए
  • जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए
  • निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो
  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

निष्कर्ष

रीवा शहर में टूटी नालियां और सड़क पर बहता गंदा पानी अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है. एक साल में ही ध्वस्त हुई नालियां नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

अब जरूरत केवल दावों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की है. क्योंकि स्वच्छ और सुरक्षित शहर हर नागरिक का अधिकार है.

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