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Toggleरीवा: रीवा में भीषण गर्मी, पारा पहली बार 45 डिग्री के पार
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में इस बार गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. सीजन में पहली बार शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे पूरा शहर भीषण गर्मी और लू की चपेट में आ गया है. लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार रीवा प्रदेश का चौथा सबसे गर्म शहर बन गया है. बुधवार को अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहा. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है और लोगों को फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है.
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सुबह से शुरू हो रही तपिश, दोपहर में हालात सबसे खराब
रीवा में गर्मी का असर सुबह 9 बजे के बाद से ही साफ दिखाई देने लगता है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, गर्म हवाएं और चिलचिलाती धूप लोगों की परेशानी बढ़ा देती हैं. दोपहर के समय बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग खाली नजर आते हैं. जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं.
सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है. तेज गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है.
लगातार बढ़ रहा तापमान, रिकॉर्ड टूटने की आशंका
पिछले कई दिनों से रीवा में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन दिनों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री से ऊपर बना हुआ है.बुधवार को यह आंकड़ा 45.4 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है. गर्म हवाओं और सूखे मौसम के कारण लोगों को राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है.
रात में भी नहीं मिल रही राहत
दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. सामान्यतः रात के समय तापमान में गिरावट होने से कुछ राहत मिलती है, लेकिन इस बार रातें भी गर्म बनी हुई हैं. गर्म हवाओं के कारण लोग देर रात तक परेशान हो रहे हैं.
कई इलाकों में बिजली की बढ़ती मांग के चलते कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है. ऐसे में बिना पंखे और कूलर के रहना लोगों के लिए चुनौती बन गया है. रात में गर्मी बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है.
लू से बचने के लिए प्रशासन की अपील
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. साथ ही पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढकने की हिदायत दी गई है.
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है. ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद करते हैं. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई गई है.
किसानों और मजदूरों पर बढ़ा असर
रीवा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है. खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को तेज धूप के बीच काम करना पड़ रहा है. कई मजदूरों ने बताया कि दोपहर के समय काम करना लगभग असंभव हो गया है.
गर्मी का असर पशुओं पर भी देखने को मिल रहा है. पानी की कमी और तेज तापमान के कारण पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग तालाबों और हैंडपंपों पर अधिक निर्भर हो गए हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लू लगने की स्थिति में लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है. यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.
विशेषज्ञों ने कहा कि गर्मी के मौसम में अधिक तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए और हल्का भोजन करना चाहिए. शरीर को ठंडा रखने के लिए फलों और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह दी गई है.
अगले दो दिन भारी पड़ सकते हैं
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक रीवा सहित आसपास के जिलों में भीषण गर्मी जारी रह सकती है. हालांकि इसके बाद हल्के मौसम परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है. यदि हवाओं की दिशा बदली और बादल सक्रिय हुए तो तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है.
फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
निष्कर्ष
रीवा में इस बार गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं. 45 डिग्री के पार पहुंचा तापमान सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर डाल रहा है. बढ़ती गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
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