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ToggleSingrauli: प्रेमचंद जयंती पर सजा भव्य कवि सम्मेलन
Singrauli: हिंदी और उर्दू साहित्य के महान कथाकार एवं कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर सिंगरौली के डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कृष्ण विहार में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में देशभक्ति, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया. विद्यालय परिवार, विद्यार्थी, अभिभावक और साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या इस आयोजन की साक्षी बनी.
यह आयोजन सासन पावर लिमिटेड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) एवं पुनर्वास कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और साहित्यिक गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना था.
प्रेमचंद को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. इसके बाद विद्यालय परिवार ने सभी आमंत्रित अतिथियों और कवियों का स्वागत किया.
इस अवसर पर वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं. उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने रखा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया.
कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया.
कार्यक्रम में सुश्री आकांक्षा प्रजापति, सुश्री विभा तिवारी, श्रीमती कीर्ति द्विवेदी ‘कृतिका’, श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव, श्री सागर गुप्ता, श्री श्रीकमल शुक्ल ‘अज्ञान’, श्री प्रविन्दु दुबे ‘चंचल’, श्री राम मिलन उपाध्याय, श्री राम खेलावन मिश्रा, श्री के.पी. सोनी, श्री नारायण दास ‘विकल’ तथा श्री मनोहर लाल वर्मा ने अपनी रचनाओं का पाठ किया.
हर प्रस्तुति के बाद श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया. कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक संदेश भी दिए.
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विद्यार्थियों को मिला साहित्य से जुड़ने का अवसर
विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे कार्यक्रम छात्रों को भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक बनाते हैं.
कवि सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया.
राष्ट्रीय शृंगावली काव्य मंच का मिला सहयोग
इस आयोजन को राष्ट्रीय शृंगावली काव्य मंच, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ. वहीं कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में सासन पावर लिमिटेड के CSR विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
आयोजन के सफल संचालन के लिए विद्यालय परिवार और सहयोगी संस्थाओं की सराहना की गई.
प्राचार्य ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार ने सभी अतिथियों, कवियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों में भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि विकसित हो सके.
साहित्य और संस्कृति का मिला सुंदर संगम
प्रेमचंद जयंती के अवसर पर आयोजित यह कवि सम्मेलन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी बना. कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को हिंदी साहित्य की समृद्ध विरासत से जोड़ने का कार्य किया.
रिपोर्ट: सोनू कुमार सोनी
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