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ToggleShahdol: कलेक्ट्रेट भवन का मलबा गिरा, शिकायतकर्ता बाल-बाल बचा
Shahdol: शहडोल जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया. शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक ग्रामीण की जान उस समय बाल-बाल बच गई, जब कलेक्ट्रेट भवन के जर्जर छज्जे का मलबा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया. घटना के बाद परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना ने कलेक्ट्रेट भवन की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण के सामने गिरा मलबा
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण कौशल अपनी शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे. वह पहले कार्यालय परिसर के चबूतरे पर बैठे थे. इसके बाद जैसे ही कलेक्ट्रेट भवन के प्रवेश द्वार की ओर बढ़े, तभी भवन के छज्जे का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया.
ग्रामीण ने तुरंत पीछे हटकर अपनी जान बचाई. यदि वह कुछ सेकंड पहले आगे बढ़ गए होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
घटना के बाद मचा हड़कंप
मलबा गिरते ही कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. घटना के बाद कुछ समय तक कार्यालय परिसर में दहशत का माहौल बना रहा.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भवन के कई हिस्सों में लंबे समय से जर्जर स्थिति बनी हुई है. इसके बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराई गई.
कलेक्ट्रेट भवन की हालत बनी चिंता का विषय
स्थानीय लोगों का कहना है कि कलेक्ट्रेट भवन के कई हिस्सों में दीवारों और छज्जों से प्लास्टर उखड़ चुका है. भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे यहां आने वाले आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है.
हर दिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है.
ग्रामीण ने सुनाई आपबीती
घटना में बाल-बाल बचे शिकायतकर्ता कौशल ने बताया कि वह अपनी शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. प्रवेश करने के दौरान अचानक ऊपर से मलबा गिरा. उन्होंने तुरंत पीछे हटकर खुद को बचाया. उनका कहना है कि यदि कुछ पल की भी देरी होती, तो गंभीर हादसा हो सकता था.
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रशासनिक भवनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि जिन कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक पहुंचते हैं, वहां भवनों की नियमित जांच और मरम्मत कराई जानी चाहिए.
विशेषज्ञों का मानना है कि जर्जर भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच कराना आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कलेक्ट्रेट भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराने और जर्जर हिस्सों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है.
फिलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. लेकिन इसने प्रशासनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्ट: कृष्णा तिवारी
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