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सोना-चांदी: सोना ₹1.59 लाख पर पहुंचा, चांदी भी रिकॉर्ड तेजी में

24 कैरेट सोना पहुंचा ₹1.59 लाख और चांदी ₹2.69 लाख प्रति किलो. इस साल अब तक सोना ₹26 हजार और चांदी ₹39 हजार महंगी हो चुकी है

सोना-चांदी: सोना ₹1.59 लाख पर पहुंचा, चांदी भी रिकॉर्ड तेजी में

देश में एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. शादी-विवाह का सीजन हो या निवेश की योजना, दोनों ही मामलों में महंगी होती धातुएं अब लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं.

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,338 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर करीब ₹1.59 लाख तक पहुंच गया है. वहीं चांदी भी तेजी के रफ्तार में है और इसकी कीमत 673 रुपए बढ़कर ₹2.69 लाख प्रति किलो हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर की मजबूती, वैश्विक तनाव और सरकार की बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से सोने-चांदी के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं.

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2026 में लगातार महंगा हो रहा सोना

अगर साल 2026 की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है.

31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना लगभग ₹1.33 लाख के आसपास था. लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर ₹1.59 लाख तक पहुंच चुकी है. यानी महज कुछ महीनों में सोना करीब ₹26 हजार महंगा हो चुका है.

वहीं चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्ड तेजी दर्ज हुई है. साल की शुरुआत में चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर ₹2.69 लाख प्रति किलो पहुंच गई है. यानी चांदी में करीब ₹39 हजार तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

ऑलटाइम हाई तक पहुंच चुके हैं दाम

इस साल सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए.

  • 29 जनवरी 2026 को सोना करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था.
  • वहीं चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छुआ था.

हालांकि बाद में कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली, लेकिन बाजार में फिर से तेजी लौटती नजर आ रही है.

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

1. वैश्विक आर्थिक अस्थिरता

दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है. अमेरिका, चीन और यूरोप की आर्थिक नीतियों में बदलाव का असर सीधे गोल्ड मार्केट पर पड़ता है.

जब भी शेयर बाजार में गिरावट या मंदी की आशंका बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं. ऐसे समय में सोना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है. यही कारण है कि मांग बढ़ने के साथ कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं.

2. अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर

मध्य-पूर्व, रूस-यूक्रेन जैसे अंतरराष्ट्रीय तनाव भी गोल्ड मार्केट को प्रभावित करते हैं. युद्ध या भू-राजनीतिक संकट की स्थिति में निवेशक सोने में पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं.

इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें बढ़ती हैं और उसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई देता है.

3. डॉलर मजबूत होने का असर

सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के हिसाब से तय होती हैं. डॉलर मजबूत होने पर भारत जैसे आयातक देशों में सोना महंगा हो जाता है.

चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए डॉलर की कीमत और विदेशी बाजार सीधे भारतीय बाजार को प्रभावित करते हैं.

सरकार की नई इंपोर्ट ड्यूटी ने बढ़ाई कीमतें

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है.

नई व्यवस्था के तहत:

  • 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी
  • 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC)

लगाया गया है.

सरकार का कहना है कि इससे आयात कम होगा और घरेलू बाजार को मजबूती मिलेगी. लेकिन इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है, क्योंकि अब ज्वेलर्स को महंगा आयात करना पड़ रहा है.

शादी के सीजन में बढ़ी परेशानी

भारत में सोने की सबसे ज्यादा खरीदारी शादी-विवाह के सीजन में होती है. लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है.

कई लोग अब हल्के वजन के आभूषण खरीदने को मजबूर हैं. वहीं कुछ परिवार पुराना सोना एक्सचेंज कर नए गहने बनवा रहे हैं.

ज्वेलरी कारोबारियों के मुताबिक, ग्राहक अभी खरीदारी को टाल रहे हैं और कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे हैं.

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

अगर वैश्विक बाजार में तनाव बना रहता है और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं.

हालांकि, लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सोना आज भी सुरक्षित निवेश माना जाता है. कई निवेश सलाहकार पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा गोल्ड में रखने की सलाह देते हैं.

क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?

यह सवाल इस समय हर निवेशक और ग्राहक के मन में है.

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • अगर खरीदारी जरूरत के लिए है, जैसे शादी या उपहार, तो ज्यादा इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है.
  • लेकिन निवेश के लिए चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर विकल्प माना जाता है.

यानी एक साथ बड़ी रकम लगाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रणनीति हो सकती है.

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें

हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें. इससे सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है.

हॉलमार्क पर एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड भी होता है, जिससे उसकी असली पहचान की जा सकती है.

2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें

सोना खरीदने से पहले उस दिन का रेट IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से जरूर चेक करें.

इसके अलावा:

  • मेकिंग चार्ज
  • GST
  • वेस्टेज चार्ज

की जानकारी भी पहले लें, ताकि बाद में अतिरिक्त भुगतान न करना पड़े.

क्या डिजिटल गोल्ड बेहतर विकल्प है?

बढ़ती कीमतों के बीच अब कई लोग डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF की ओर भी रुख कर रहे हैं.

इसके फायदे:

  • सुरक्षित निवेश
  • चोरी का डर नहीं
  • कम राशि से शुरुआत
  • ऑनलाइन खरीद-बिक्री की सुविधा

हालांकि निवेश से पहले विश्वसनीय प्लेटफॉर्म और जोखिम की जानकारी जरूर लेना जरूरी है.

बाजार में आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोना और चांदी दोनों में तेजी बनी रह सकती है.

अगर वैश्विक आर्थिक संकट गहराता है, तो निवेशक फिर से सोने की ओर भागेंगे. ऐसे में कीमतें और रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं.

वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर होता है और डॉलर कमजोर पड़ता है, तो कीमतों में थोड़ी राहत मिल सकती है.

निष्कर्ष

सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें सिर्फ निवेशकों ही नहीं, आम परिवारों के लिए भी बड़ी चिंता बनती जा रही हैं.

एक तरफ जहां निवेशक इसे सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शादी और घरेलू जरूरतों के लिए खरीदारी करने वाले लोग महंगाई का बोझ झेल रहे हैं.

सरकार की बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी, वैश्विक आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने बाजार को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है.

आने वाले समय में बाजार किस दिशा में जाएगा, यह वैश्विक हालात और आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगा. लेकिन फिलहाल इतना तय है कि सोना और चांदी दोनों ही आम आदमी की पहुंच से लगातार दूर होते जा रहे हैं.

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