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Toggleरीवा में डिजिटल जनगणना शुरू: 1 मई से पहला चरण, 3700 कर्मचारी तैनात
रीवा में डिजिटल जनगणना शुरू: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में 1 मई से डिजिटल जनगणना कार्यक्रम का पहला चरण शुरू हो गया है. इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता, सटीकता और तेजी सुनिश्चित की जा सके.
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में यह महत्वपूर्ण अभियान संचालित किया जा रहा है. प्रशासन ने पहले चरण के लिए व्यापक तैयारियां की हैं और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया गया है.
पहला चरण: 1 मई से 20 मई तक
डिप्टी कलेक्टर आर.के. सिन्हा के अनुसार, जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 20 मई तक चलेगा. इस चरण में जिलेभर में 3700 कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो घर-घर जाकर नागरिकों का डेटा एकत्र करेंगे.
यह प्रक्रिया पहले की पारंपरिक कागजी प्रणाली से अलग है, क्योंकि इस बार पूरा काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है.
सेल्फ जनगणना का बढ़ता रुझान
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 5000 नागरिकों ने स्वयं (सेल्फ) जनगणना का पंजीयन कर लिया है. यह सुविधा उन लोगों के लिए काफी उपयोगी है, जो खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करना चाहते हैं.
सेल्फ जनगणना करने वाले नागरिकों को 12 अंकों का एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाता है. जब जनगणना कर्मचारी उनके घर पहुंचते हैं, तो नागरिकों को सिर्फ यह यूनिक आईडी दिखाना होता है. इससे दोबारा जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ती और डेटा तुरंत सत्यापित हो जाता है.
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पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित प्रक्रिया
इस बार जनगणना को पूरी तरह पेपरलेस बनाया गया है. डिजिटल प्रणाली के जरिए डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज और सुरक्षित किया जाएगा. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी.
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल जनगणना से फर्जी या डुप्लीकेट जानकारी की संभावना भी कम हो जाएगी और पारदर्शिता बनी रहेगी.
1 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान
डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि यह डिजिटल जनगणना कार्यक्रम 1 मार्च 2027 तक जारी रहेगा. निर्धारित तिथि की रात 12 बजे तक सभी आंकड़े सिस्टम में लॉक होकर अपलोड कर दिए जाएंगे.
इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा, इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय पर सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं.
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और यदि संभव हो तो सेल्फ जनगणना का विकल्प अपनाएं. इससे प्रक्रिया और अधिक आसान और तेज हो जाएगी.
निष्कर्ष
रीवा में शुरू हुई डिजिटल जनगणना एक बड़ा और आधुनिक कदम है, जो भविष्य में डेटा प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा. यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यों को मजबूत करेगी, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मददगार साबित होगी.
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