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रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद

रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद

रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद

रीवा: रीवा जिले के सिरमौर तहसील अंतर्गत ग्राम डेल्ही में एक जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है. गांव के एक व्यक्ति ने अपने ही परिजनों पर स्वामित्व वाली भूमि पर जबरन कब्जा करने और विरोध करने पर मारपीट की धमकी देने का आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

पीड़ित का कहना है कि राजस्व अभिलेख में दर्ज भूमि पर अवैध निर्माण की तैयारी की जा रही है. वहीं विरोध करने पर गाली-गलौज और हमले की धमकी दी गई. अब पीड़ित ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है.

रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद
रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद

स्वामित्व वाली भूमि पर कब्जे का आरोप

ग्राम डेल्ही निवासी बसंतलाल शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उनकी भूमि आराजी क्रमांक 985/2 राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है. इसके बावजूद उनके ही परिवार के सदस्य भैयालाल शुक्ला, सुधा शुक्ला और दीपक शुक्ला जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं.

पीड़ित के अनुसार आरोपी जमीन पर पक्का निर्माण करने की तैयारी में जुटे हुए हैं. इसके लिए कथित रूप से पिलर लगाने के उद्देश्य से गड्ढे भी खोदे जा रहे हैं.

बसंतलाल शुक्ला का कहना है कि यह पूरा प्रयास उनकी सहमति के बिना किया जा रहा है.

विरोध करने पर धमकी देने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया.

उनके अनुसार आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश की. स्थिति बिगड़ती देख उन्हें मौके से हटना पड़ा.

बसंतलाल शुक्ला का कहना है कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता है. इसलिए उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है.

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पहले भी हो चुका है कब्जे का आरोप

पीड़ित ने दावा किया है कि यह पहला मामला नहीं है.

उनके अनुसार आराजी क्रमांक 981 पर पहले ही तार बाउंड्री लगाकर कब्जा किया जा चुका है. अब दूसरी भूमि पर भी निर्माण की कोशिश की जा रही है.

यही वजह है कि उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की मांग की है.

रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद
रीवा: जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा पारिवारिक विवाद

इंदौर में नौकरी, अनुपस्थिति का उठाया जा रहा फायदा

बसंतलाल शुक्ला ने बताया कि वे रोजगार के सिलसिले में इंदौर में रहते हैं. इसी कारण वे लगातार गांव में मौजूद नहीं रह पाते.

उनका आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है.

पीड़ित का कहना है कि विवाद के कारण उन्हें बार-बार इंदौर से रीवा आना पड़ रहा है. इससे उनके रोजगार और आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है.

प्रशासन से न्याय की मांग

जमीन विवाद को लेकर पीड़ित ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि उनके नाम दर्ज है, इसलिए किसी भी प्रकार का निर्माण या कब्जा रोका जाना चाहिए.

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ऐसे मामलों का समय रहते समाधान होना जरूरी है, ताकि विवाद आगे न बढ़े.

बढ़ते जमीन विवाद चिंता का विषय

ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े विवाद लगातार सामने आते रहे हैं. कई मामलों में पारिवारिक रिश्ते भी संपत्ति विवाद के कारण प्रभावित होते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से ऐसे मामलों का समय पर समाधान किया जा सकता है.

यदि विवाद लंबे समय तक बना रहे तो सामाजिक और कानूनी दोनों तरह की समस्याएं बढ़ सकती हैं.

निष्कर्ष

रीवा जिले के डेल्ही गांव में सामने आया यह जमीन विवाद अब प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग कर रहा है. पीड़ित ने अपनी भूमि पर जबरन कब्जे की कोशिश और विरोध करने पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं.

फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई है. जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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