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Toggleरीवा : रीवा में NEET घोटाले के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला दहन
National Students’ Union of India के नेतृत्व में रीवा में NEET परीक्षा घोटाले को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया. टीआरएस महाविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi का पुतला दहन किया.
छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.
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छात्रों में बढ़ता आक्रोश
रीवा के कॉलेज चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि NEET जैसी देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे घोटाले मेहनती छात्रों के साथ अन्याय हैं.
छात्रों ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव त्याग करते हैं. कई छात्र वर्षों तक कोचिंग लेकर और दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि जब कोई छात्र रातभर जागकर पढ़ाई करता है और दूसरी ओर परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो जाता है, तो केवल परीक्षा की विश्वसनीयता ही नहीं टूटती बल्कि युवाओं का सिस्टम से भरोसा भी खत्म होने लगता है.
“युवाओं के भविष्य से खिलवाड़”
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे परीक्षा घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं. छात्रों ने कहा कि अगर सरकार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं को भी पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं करा पा रही है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है.
छात्रों ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का मनोबल टूट रहा है. प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म होने से योग्य छात्रों को न्याय नहीं मिल पा रहा है.
प्रधानमंत्री का पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान कॉलेज चौराहे पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बना रहा.
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “पेपर लीक बंद करो”, “छात्रों को न्याय दो” और “युवाओं का भविष्य बचाओ” जैसे नारे लगाए. प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सतर्क नजर आया.
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं. इनमें शामिल हैं:
- NEET परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जांच
- पेपर लीक में शामिल आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
- परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कानून
छात्रों का कहना है कि केवल बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे.
देशभर में उठ रहे सवाल
NEET परीक्षा को लेकर सामने आए विवादों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है. लाखों छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लगातार परीक्षा घोटाले को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है.
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही परीक्षाएं लाखों युवाओं के करियर और भविष्य का आधार होती हैं. यदि परीक्षा प्रणाली पर से भरोसा खत्म होता है, तो इसका असर पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ सकता है.
युवाओं का टूटा भरोसा
रीवा में हुए इस प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि युवा अब परीक्षा घोटालों को लेकर बेहद आक्रोशित हैं. छात्रों का कहना है कि वे केवल अपने अधिकार और निष्पक्ष अवसर की मांग कर रहे हैं.
कई छात्रों ने कहा कि वे वर्षों तक मेहनत करते हैं, परिवार आर्थिक बोझ उठाता है, लेकिन जब परीक्षा में धांधली सामने आती है तो उनका आत्मविश्वास टूट जाता है. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा घोटाले अब केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं रह गए हैं, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है.
रीवा में छात्रों द्वारा किया गया प्रदर्शन यह दर्शाता है कि युवा अब जवाब चाहते हैं. वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जहां मेहनत का सम्मान हो और प्रतिभा को निष्पक्ष अवसर मिले.
अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और छात्रों के टूटते भरोसे को दोबारा कैसे कायम करती हैं.
निष्कर्ष
रीवा में एनएसयूआई और छात्रों का प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि युवाओं की उस पीड़ा की आवाज है, जो लगातार परीक्षा घोटालों से प्रभावित हो रही है. छात्रों ने साफ संदेश दिया है कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे.
देश के लाखों युवाओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे या नहीं.
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