Skip to main content

Vindhya First

Liqour Scam: एमपी सीएम पर आबकारी घोटाले में शामिल होने का दावा, AAP प्रवक्ता ने लगाया बड़ा आरोप!

आम आदमी पार्टी रीवा के लोकसभा प्रभारी अमित सिंह ने मध्य प्रदेश शराब नीति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. अमित सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर आरोप लगाया है कि अपने भाई नारायण यादव की कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने आबकारी नीति से छेड़छाड़ की है. सीएम मोहन यादव के भाई नारायण यादव मुख्य रूप से आबकारी, बालू और रियल स्टेट का कारोबार कई सालों से करते आ रहे हैं. इस बार भी उज्जैन जिले में शराब का ठेका नारायण यादव की कंपनी को मिला है. इसके बाद आम आदमी पार्टी रीवा के लोकसभा प्रभारी अमित सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित करके उज्जैन में सरकार को 400 करोड़ से ज्यादा के नुकसान की बात कही है और मामले की जांच की मांगी की है. 

नारायण सिंह की फर्म को मिला पूरे जिले का ठेका
अमित सिंह ने आरोप लगाया है कि एकल दुकानों की पॉलिसी से शराब का वितरण और क्वालिटी बेहतर रहती है. लेकिन उज्जैन जिले के अधिकारी ने कोई बैठक नहीं बुलाई और नारायण यादव की फर्म को पूरे जिले का ठेका दे दिया गया. जबकि अधिकारी की जिम्मेदारी है कि नई पॉलिशी को लागू करे. क्योंकि सबनेट में काम कराने से काला धन बढ़ता है. एकल दुकानों को टेंडर मिलने पर सरकार को मुनाफा होता है. ऐसे में पूरे जिले का काम एक ही व्यक्ति को क्यों दिया गया है. शराब कारोबार बिना बड़े नेटवर्क के संचालित नहीं किया जा सकता है ऐसे में इस मामले में सीएम मोहन यादव की भूमिका की जांच होनी चाहिए. 

कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
अमित सिंह ने मांग की है कि कोर्ट की निगरानी में उज्जैन आबकारी ठेके की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस मामले की भी जांच ईडी या सीबीआई के द्वारा की जाएगी. क्या मोहन यादव की भी केजरीवाल की तरह गिरफ्तारी होगी.