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मऊगंज: वार्ड-3 में जलभराव से लोग बेहाल, नगर परिषद पर उठे सवाल

मऊगंज: वार्ड-3 में जलभराव से लोग बेहाल, नगर परिषद पर उठे सवाल

मऊगंज: वार्ड-3 में जलभराव से लोग बेहाल, नगर परिषद पर उठे सवाल

मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 में पहली ही बारिश ने विकास और सफाई व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी. कुछ देर की बारिश के बाद पूरा इलाका जलमग्न हो गया. सड़कें पानी में डूब गईं, गटर का गंदा पानी गलियों में बहने लगा और सैकड़ों परिवारों का आवागमन प्रभावित हो गया. सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इसी रास्ते से रोजाना एक हजार से अधिक स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिन्हें अब गंदे पानी के बीच स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर परिषद ने स्थायी समाधान नहीं किया. वहीं नगर परिषद का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और जल्द काम शुरू होगा.

क्या हुआ? 

मऊगंज नगर परिषद के वार्ड-3 में हुई बारिश के बाद वेटरनरी ग्राउंड पूरी तरह पानी से भर गया. वार्ड तक पहुंचने वाली मुख्य सड़क जलभराव की चपेट में आ गई, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया.

बारिश के पानी के साथ नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया। कई जगह कचरा जमा होने से बदबू और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया.

मऊगंज: वार्ड-3 में जलभराव से लोग बेहाल, नगर परिषद पर उठे सवाल
मऊगंज: वार्ड-3 में जलभराव से लोग बेहाल, नगर परिषद पर उठे सवाल

यह समस्या कहां है? 

यह मामला मऊगंज नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 का है.

प्रभावित क्षेत्र में स्थित वेटरनरी ग्राउंड पूरी तरह जलमग्न हो गया. इसी मार्ग से आसपास के सैकड़ों परिवारों के साथ-साथ संस्कार वैली स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं भी रोजाना गुजरते हैं.

वार्डवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र नगर परिषद के सबसे प्रभावित इलाकों में शामिल है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है.

कब सामने आई समस्या? 

लगातार हो रही बारिश के बीच पहली तेज बारिश के बाद यह स्थिति सामने आई.

गर्मी के मौसम में स्थानीय लोगों ने इसी समस्या को लेकर नगर परिषद का ध्यान आकर्षित किया था. उस समय प्रशासन ने सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने का दावा किया था. हालांकि, पहली ही बारिश में ये दावे धरातल पर विफल दिखाई दिए.

कौन प्रभावित हो रहा है? 

जलभराव से सबसे अधिक परेशानी वार्ड-3 के निवासियों को हो रही है.

  • सैकड़ों परिवारों का आवागमन प्रभावित है.
  • एक हजार से अधिक स्कूली बच्चे रोज गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं.
  • बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में कठिनाई हो रही है.
  • स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों को भी जलभराव के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

माता-पिता का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है.

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समस्या की वजह क्या है? 

स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है.

उनका आरोप है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण नालियां जाम रहती हैं. कई स्थानों पर कचरा लंबे समय तक नहीं उठाया जाता, जिससे बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता.

लोगों का यह भी कहना है कि नगर परिषद की कचरा गाड़ी कई क्षेत्रों में नियमित रूप से नहीं पहुंचती, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है.

प्रशासन क्या कह रहा है? 

वार्डवासियों के अनुसार, नगर परिषद और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं.

नगर परिषद के सीएमओ संतोष सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और जल्द ही आवश्यक कार्य शुरू किए जाएंगे.

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता.

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू बच्चों की सुरक्षा है.

संस्कार वैली स्कूल जाने वाले छात्रों को रोजाना जलभराव और गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है. बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह पानी में डूब जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.

अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है.

स्थानीय लोगों की मांग

वार्डवासियों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि मूलभूत नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता है.

उनकी प्रमुख मांगें हैं—

  • जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान.
  • सड़क का निर्माण एवं मरम्मत.
  • नियमित सफाई और कचरा संग्रहण.
  • प्रभावी जल निकासी व्यवस्था.
  • स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित मार्ग.

लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो समस्या मानसून के दौरान और गंभीर हो सकती है.

निष्कर्ष

मऊगंज नगर परिषद के वार्ड-3 में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था के दावों की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है. जलभराव, गंदगी और बदहाल सड़कें न केवल आम नागरिकों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.

अब सभी की नजर नगर परिषद और जिला प्रशासन पर है. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक किया जाता है. यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी मानसून में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.

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