Table of Contents
Toggleरीवा: रीवा के युवक का कर्वी के जंगल में मिला शव, ह*त्या की आशंका गहराई
मध्यप्रदेश के रीवा जिले से लापता युवक का शव उत्तर प्रदेश के कर्वी क्षेत्र के जंगल में मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतक की पहचान रीवा शहर के निपनिया मोहल्ले निवासी अनूप सेन के रूप में की जा रही है. शव अत्यंत क्षत-विक्षत हालत में मिलने से हत्या की आशंका और भी गहरा गई है। घटना के बाद से परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने युवक के परिचितों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है.
पुलिस अब इस मामले को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मानकर हर पहलू से जांच कर रही है. रीवा और कर्वी पुलिस की संयुक्त टीम मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है.
यह भी पढ़ें:मध्यप्रदेश: कागजों पर सक्रिय या जमीन पर? मप्र के 94% NGOs का डिजिटल रिकॉर्ड गायब!
18 मई से लापता था युवक
जानकारी के मुताबिक, अनूप सेन 18 मई से लापता था. घर से निकलते समय उसने अपने परिवार को बताया था कि वह अपने मित्र यशवंत चतुर्वेदी के साथ बैकुंठपुर जा रहा है. इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका.
कई घंटे तक संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर रीवा के कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और युवक के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई.
कॉल लोकेशन से खुला कर्वी कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को अनूप सेन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन उत्तर प्रदेश के कर्वी क्षेत्र के राजापुर गांव के आसपास मिली. इसके बाद रीवा पुलिस ने कर्वी पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
काफी तलाश के बाद रैपुरा थाना क्षेत्र के जंगल में एक युवक का शव बरामद हुआ. शव की हालत बेहद खराब थी और पहचान करना मुश्किल हो रहा था. हालांकि, कपड़ों और जूतों के आधार पर परिजनों ने शव को अनूप सेन का बताया.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल भी लिया गया है.
परिजनों ने लगाए हत्या के गंभीर आरोप
मृतक के परिवार ने अनूप के परिचितों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि यशवंत चतुर्वेदी, विवेक तिवारी और वंदना तिवारी ने मिलकर अनूप की हत्या की है.
परिवार का आरोप है कि अनूप को योजनाबद्ध तरीके से अपने साथ ले जाया गया और फिर उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया. घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
सिक्योरिटी कंपनी में करता था नौकरी
बताया जा रहा है कि अनूप सेन एक निजी सिक्योरिटी कंपनी “केएसएस” में गार्ड के रूप में कार्यरत था. परिवार के मुताबिक वह सामान्य और शांत स्वभाव का युवक था तथा किसी विवाद में नहीं रहता था.
यही वजह है कि उसकी संदिग्ध मौत ने इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. स्थानीय लोग इस घटना को सुनियोजित अपराध मान रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
शव की हालत ने बढ़ाए सवाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार शव कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है. जंगल में पड़े रहने और जानवरों के हमले की वजह से शव काफी क्षत-विक्षत हो चुका था. यही कारण है कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या किस तरीके से की गई.
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और मृतक के परिचितों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक को आखिरी बार किसने देखा था और वह किन लोगों के संपर्क में था.
सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों से जल्द पूछताछ की जा सकती है. वहीं पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में लगी हुई है.
परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने तेजी दिखाई होती तो शायद अनूप की जान बचाई जा सकती थी.
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग उठाई है.
रीवा से कर्वी तक फैला रहस्य
रीवा से उत्तर प्रदेश के कर्वी तक फैली इस पूरी घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. युवक आखिर किन परिस्थितियों में जंगल तक पहुंचा? उसके साथ आखिरी समय में कौन लोग थे? क्या यह पुरानी रंजिश का मामला है या किसी अन्य विवाद का परिणाम?
इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएंगे.
निष्कर्ष
रीवा के युवक अनूप सेन की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों के आरोपों और पुलिस जांच के बीच अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं. यदि हत्या की पुष्टि होती है तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है.
यह भी पढ़ें: AI: माइक्रोसॉफ्ट से उबर तक… क्यों बिगड़ रहा है टेक कंपनियों का बजट?