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पेट्रोल-डीज़ल: पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये पार

पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों ने फिर बढ़ाई आम आदमी की टेंशन! दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम। आखिर कब मिलेगी राहत?

पेट्रोल-डीज़ल: पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये पार

देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं. लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है.

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि डीज़ल भी 95 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है. माना जा रहा है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है.

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दिल्ली में नए पेट्रोल-डीज़ल रेट

ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये 61 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. इसके बाद अब राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

वहीं डीज़ल की कीमत में 2 रुपये 71 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. अब दिल्ली में डीज़ल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.

यह बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. देश के कई बड़े शहरों में तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं.

बड़े शहरों में पेट्रोल की नई कीमतें

कोलकाता

कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 2.87 रुपये बढ़कर 113.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

मुंबई

मुंबई में पेट्रोल अब 111.21 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

चेन्नई

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 2.46 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद यहां पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.

10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम

देश में पिछले 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इजाफा किया गया है.

इससे पहले:

  • 15 मई को पेट्रोल-डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था.
  • 19 मई को करीब 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई.
  • 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे महंगा हुआ.
  • 25 मई को चौथी बार बड़ी बढ़ोतरी की गई.

चार चरणों में पेट्रोल कुल 7 रुपये 41 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है, जबकि डीज़ल में कुल 7 रुपये 51 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है.

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम?

1. मध्य पूर्व संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक संकट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है.

2. चुनाव के बाद कीमतों में बदलाव

हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव समाप्त हुए हैं. चुनाव के दौरान तेल कंपनियां कीमतों में ज्यादा बदलाव से बचती हैं. अब चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए लगातार दाम बढ़ा रही हैं.

3. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी

रुपये में कमजोरी आने से कच्चा तेल आयात करना और महंगा हो जाता है. इसका असर भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर पड़ता है.

आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. इसका प्रभाव पूरे बाजार पर पड़ता है.

महंगा होगा ट्रांसपोर्ट

डीज़ल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है. ट्रक और मालवाहक गाड़ियों का खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाती हैं.

बढ़ सकती है महंगाई

सब्जियां, फल, दूध और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

मध्यम वर्ग पर दबाव

लगातार बढ़ते ईंधन दामों से नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की मासिक बजट व्यवस्था बिगड़ सकती है.

क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल और महंगे हो सकते हैं.

हालांकि सरकार टैक्स में राहत देकर आम लोगों को कुछ राहत दे सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई बड़ा संकेत नहीं मिला है.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार टैक्स कम करके जनता को राहत दे सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा.

वहीं सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत
  • डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
  • केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स
  • ट्रांसपोर्ट और डीलर कमीशन

इन सभी कारकों को मिलाकर रोजाना तेल की कीमतें तय की जाती हैं.

लोगों में बढ़ रही नाराजगी

लगातार बढ़ती तेल कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है. कई लोग सरकार से टैक्स घटाने और कीमतों पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं.

वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल-डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों से रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है.

निष्कर्ष

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है. दिल्ली समेत देश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है.

मध्य पूर्व संकट, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगाई और चुनाव के बाद कंपनियों की मूल्य वृद्धि—इन सभी कारणों ने मिलकर ईंधन को और महंगा बना दिया है.

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